॥ श्रीकृष्णाय नमः ॥ · स्थापना 3 अक्टूबर 1968 · हांसी, हरियाणा

अध्याय 2 · आत्मा का ज्ञान
भगवद्गीता 2.23
शस्त्र इसे काट नहीं सकते, अग्नि जला नहीं सकती।
श्रीभगवान्
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥
nainaṁ chindanti śastrāṇi nainaṁ dahati pāvakaḥ / na cainaṁ kledayantyāpo na śoṣayati mārutaḥ
इसे शस्त्र नहीं काटते, अग्नि नहीं जलाती, जल नहीं भिगोता, और वायु नहीं सुखाती।
English · Weapons do not cut it. Fire does not burn it. Water does not wet it. Wind does not dry it.
अर्थ
शस्त्र इसे काट नहीं सकते, अग्नि जला नहीं सकती।
इसे शस्त्र नहीं काटते, अग्नि नहीं जलाती, जल नहीं भिगोता, वायु नहीं सुखाती।
यह ट्रस्ट का अपना पाठ है, इसी वेबसाइट के लिए लिखा गया। ऊपर का श्लोक मूल पाठ है।
