॥ श्रीकृष्णाय नमः ॥ · स्थापना 3 अक्टूबर 1968 · हांसी, हरियाणा
हांसी गीता भवन ट्रस्टहांसी · हरियाणा
कुरुक्षेत्र के मैदान पर सूर्योदय, रक्तिम आकाश के नीचे दूर खड़ी दोनों सेनाएँ

गीता में कौन कौन है

गांधारी

धृतराष्ट्र की पत्नी और कौरवों की माता।

भगवद्गीता में गांधारी कौन हैं?

धृतराष्ट्र की पत्नी और कौरवों की माता। उनकी पृष्ठभूमि पाठक को स्मरण कराती है कि अर्जुन जिन परिणामों से डरते हैं वे माताओं, पत्नियों, ज्येष्ठजनों और घरों पर पड़ेंगे — केवल लड़ने वालों पर नहीं।

हांसी गीता भवन ट्रस्ट · द गीता फ़ॉर लाइफ़

संबंध

धृतराष्ट्र की पत्नी और कौरवों की माता।

इनका महत्त्व क्यों है

उनकी स्थिति मातृत्व, वंश के प्रति निष्ठा, नैतिक चेतावनी और भयावह शोक को एक साथ थामे रखती है। यद्यपि वे गीता में नहीं बोलतीं, वे उस मनुष्य-संसार का प्रतिनिधित्व करती हैं जिसके उजड़ जाने का भय अर्जुन को है।

क्रम से पढ़ें

1.31–44 का संदर्भ; युद्ध के बाद महाकाव्य के शोक के लिए आगे स्त्री पर्व (व्यास, अनु. गांगुली, 1883–1896)।

सभी बाईस कुरुक्षेत्र तक कैसे पहुँचे